Prabhas की Kalki 2898 AD को जनता का पॉज़िटिव रिस्पॉन्स मिला है. तभी तो रिलीज़ के 26 दिन बाद भी फिल्म की कमाई जारी है. वर्ल्ड वाइड ये पिक्चर 1000 करोड़ से ऊपर का कलेक्शन कर चुकी है. मगर नाग अश्विन के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म से कुछ लोग नाराज़ भी हैं. इतने खफा हैं कि मेकर्स को लीगल नोटिस तक भेज दिया है. कांग्रेस के पूर्व नेता और कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मेकर्स पर हिंदू धर्म की मान्यताओं को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगाया है.
Kalki 2898 AD मेकर्स को आचार्य प्रमोद कृष्णम ने लीगल नोटिस क्यों भेजा?
15 दिनों के अंदर अगर Kalki 2898 AD टीम की तरफ से जवाब नहीं आया तो मेकर्स के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा.

आचार्य प्रमोद ने फिल्म की शिकायत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि 'कल्कि' फिल्म में हिंदू धर्म और मान्यताओं को गलत तरीके से दिखाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि मेकर्स ने धार्मिक फैक्ट्स और किताबों से छेड़छाड़ करके कल्कि को गलत तरीके से पर्दे पर दिखाया है. उनका कहना है कि कल्कि को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. मगर फिल्म में 'कल्कि' को AI जनरेटेड दिखाया गया. नोटिस में ये भी लिखा है कि फिल्म के कई दृश्य काल्पनिक हैं. जिनसे हिंदू मान्यताओं को ठेस पहुंचती हैं.
आचार्य प्रमोद के भेजे गए नोटिस की कुछ मुख्य बात ये हैं -
#'कल्कि' फिल्म में भगवान कल्कि के बारे में पौराणिक ग्रंथों में लिखी और बताई गई अवधारणा को बदल कर दिखाया गया है.
#कल्कि भगवान विष्णु के अवतार हैं मगर फिल्म में उनके आने की कहानी का चित्रण पूरी तरह गलत है.
#भागवत महापुराण में भगवान कल्कि के जन्म स्थान व जन्म का उल्लेख है. जबकि फिल्म में कल्कि को AI टेक्नीक के ज़रिए अवतरित दिखाया गया है.
ANI को दिए इंटरव्यू में आचार्य प्रमोद ने कहा,
''भारत भावनाओं का देश है. सनातन के मूल्यों से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. सनातन, संस्कृति, सभ्यता और संस्कार के साथ-साथ सनातन के जो शास्त्र हैं, उनसे छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए. कल्कि भगवान का जो अवतार है वो शंभल में होगा. कल्कि भगवान हमारी आस्था के केन्द्र में हैं. वो भगवान विष्णु के अंतिम अवतार हैं. उनके बारे में पुराणों में बहुत कुछ लिखा हुआ है.''
उन्होंने आगे कहा,
'' 'कल्कि' फिल्म हमारे शास्त्रों में लिखी गई बातों के विरुध जाती है. ये फिल्म हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है. ये फिल्म, कल्कि भगवान के प्रति जो श्रद्धा है उनके खिलाफ जा रही है. इसलिए हमारी कुछ आपत्तियां हैं. नोटिस में ये आपत्तियां दर्ज की गई हैं. जिनके जवाब का इंतज़ार है. किसी भी कीमत पर सनातन, धर्म और हम अपने शास्त्रों से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दे सकते.''
आचार्य प्रमोद ने आगे जोड़ा,
''हिंदूओं की आस्था से खिलवाड़ करना फिल्म मेकर्स का शौक बन गया है, फैशन बन गया है. साधुओं को शैतान की तरह दिखाया जाता है. बाकियों को सद्भावना वाला दिखाया जाता है. अभिव्यक्ति की आज़ादी का ये मतलब नहीं है कि आप हमारी आस्था और मान्यता से खिलवाड़ करें.''
आचार्य प्रमोद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट के वकील उज्जवल नारायण शर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस नोटिस का जवाब मेकर्स को 15 दिनों में देना होगा. मेकर्स को माफी मांगनी होगी. अगर ऐसा नहीं हुआ तो सुप्रीम कोर्ट में वाद दाखिल कर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा.
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