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बॉर्डर: एक ऐसी फिल्म जो देशभक्ति का दूसरा नाम बन गई

फिल्म के बीस डायलॉग जिन्हें आज भी याद किया जाता है.

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तुलसीदास की रामायण ने भगवान राम को जितना प्रसिद्ध किया था. वही काम देशभक्ति फिल्मों के क्षेत्र में फिल्म बॉर्डर ने किया था.
साल 1997 में आई थी फिल्म बॉर्डर, जिसे डायरेक्ट किया था मशहूर डायरेक्टर जेपी दत्ता ने. बॉर्डर देशभक्ति का दूसरा नाम बन गई. फिल्म साल 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध पर आधारित थी.  ये फिल्म आज भी नब्बे और अस्सी के दशक में पैदा हुए हर नौजवान के अंदर रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है. 3 अक्टूबर को जेपी दत्ता का जन्मदिन आता है. उनकी इस मशहूर फिल्म के कुछ और फेमस डायलॉग्स को याद कर लेते हैं. जिनकी एक एक लाइन हमें आज भी उस दौर की याद दिला देती है, जब घर वालों के झुण्ड में टीवी पर आंख गड़ाते हुए हमने पहली बार ये फिल्म कभी देखी होगी. इस फिल्म के कुछ फेमस डायलॉग यहां नीचे पढ़ सकते हैं.
#1. साल 1971 में भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ा हुआ था. उसी बीच नायाब सूबेदार मथुरादास के घर में एक प्रॉब्लम आ जाती है. मथुरादास इसके लिए छुट्टी की दरख्वास्त करता है. मथुरादास को पता चलता है कि उसकी छुट्टी मंजूर हो गई है. अब वह घर जा सकता है. मथुरादास को इस खबर से इतनी ख़ुशी मिली कि वह अपने सभी साथियों के पास जा जाकर बताता है कि उसकी छुट्टी मंजूर हो गई. मथुरादास को ऐसा करते देख मेजर कुलदीप सिंह खिसिया जाते हैं. बॉर्डर पर इतना तनाव है, सैनिकों की जरूरत है ऐसे में एक सैनिक द्वारा छुट्टी का जश्न मनाना उन्हें खल जाता है. मेजर कुलदीप सिंह मथुरादास के पास जाते हैं और चीखकर कहते हैं-
''मथुरादास जी, आप ख़ुश हैं कि आप घर जा रहे हैं. मगर ख़ुशी का जो ये बेहूदा नाच आप अपने भाइयों के सामने कर रहे हैं.. अच्छा नहीं लगता. आपकी छुट्‌टी मंज़ूर हुई है क्योंकि आपके घर में प्रॉब्लम है. दुनिया में किसे प्रॉब्लम नहीं? ज़िंदगी का दूसरा नाम ही प्रॉब्लम है. अपने भाइयों में कोई ऐसा भी है जिसकी विधवा मां आंखों से देख नहीं सकती और उसका इकलौता बेटा रेगिस्तान की धूल में खो गया है. कोई ऐसा भी है जिसकी मां की अस्थियां इंतजार कर रही हैं कि उसका बेटा जंग जीतकर आएगा और उन्हें गंगा में बहा देगा. किसी का बूढ़ा बाप अपनी ज़िंदगी की आखिरी घड़ियां गिन रहा है और हर रोज़ मौत को ये कहकर टाल देता है कि मेरी चिता को आग देने वाला, दूर बॉर्डर पर बैठा है. अगर इन सब ने अपनी प्रॉब्लम्स का बहाना देकर छुट्‌टी ले ली तो ये जंग कैसे जीती जाएगी? बताओ! मथुरादास.. इससे पहले कि मैं तुझे गद्दार क़रार देकर गोली मार दूं.. भाग जा यहां से.''
बॉर्डर फिल्म का वो सीन जिसमें मेजर कुलदीप सिंह यानी सन्नी देओल अपने एक सैनिक मथुरादास को छुट्टी मंजूर होने पर जश्न मनाने को लेकर लताड़ रहे हैं.
बॉर्डर फिल्म का वो सीन जिसमें मेजर कुलदीप सिंह यानी सन्नी देओल अपने एक सैनिक मथुरादास को छुट्टी मंजूर होने पर जश्न मनाने को लेकर लताड़ रहे हैं.

#2. वो कहते हैं कि नाश्ता जैसलमेर में करेंगे, आज नाश्ता हम उनका करेंगे, गुरु महाराज ने कहा है कि एक खालसा सवा लाख के बराबर है, आज उनकी बात सच करने का वक्त आ गया है,  जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल, वाहेगुरु दी खालसा वाहे गुरु दी फतेह- सन्नी देओल
बॉर्डर फिल्म का वो सीन.
बॉर्डर फिल्म का वो सीन.

#3. इस सीन में सन्नी देओल अपने सैनिकों से कहते हैं कि हम 120 हैं और दुश्मन दो हजार इसलिए हमें पीछे हटना होगा तब सूबेदार रतन सिंह कहते हैं-
'तो क्या हुआ साहब जी, सच्चे बादशाह गुरुगोविन्द सिंह ने कहा है, चिड़िया नाल से बाज लड़ावां तब मैं गुरु गोविन्द नाम धरावां, जब चिड़िया बाज से लड़ सकती है फिर हम तो इंसान हैं. ''- पुनीत इसार
सन्नी देओल और पुनीत इसार.
सन्नी देओल और पुनीत इसार.

#4. चमन में इख़्तिलात-ए-रंग-ओ-बू से बात बनती है, हम ही हम हैं तो क्या हम हैं तुम ही तुम हो तो क्या तुम हो. - सन्नी देओल 
मूलतः यह शेर 'सरशार सैलानी' का है.
मूलतः यह शेर 'सरशार सैलानी' का है.

5. इस सीन में एक सैनिक द्वारा रेगिस्तानी धरती के बारे में ये कहने पर कि 'क्या है इस धरती में?  पैदा करती है तो कांटेदार झाड़ियां या बिच्छु'. इस बात से सुनील शेट्टी झल्ला जाते हैं. तब सुनील शेट्टी कहते हैं-


'शायद तुम नहीं जानते, ये धरती शेर भी पैदा करती है, दूसरों को मिट्टी में मिलाने वाले शेर'- सुनील शेट्टी 

फिल्म बॉर्डर का वो सीन जिसमें सुनील शेट्टी ये डायलॉग बोल रहे हैं.
फिल्म बॉर्डर का वो सीन जिसमें सुनील शेट्टी ये डायलॉग बोल रहे हैं.

6. इस सीन में सुनील शेट्टी की अपने ही साथी मथुरादास यानी सुदेश बेरी से लड़ाई हो जाती है. सुदेश बेरी लड़ने के लिए कपड़े उतार लेते हैं. तब सुनील शेट्टी कहते हैं-

'मेरी जुबान से, मेरे हाथ ज्यादा अच्छे बोलते हैं.'

सुनील शेट्टी और सुदेश बेरी का वो सीन जिस में दोनों लड़ने की मुद्रा में हैं.
सुनील शेट्टी और सुदेश बेरी का वो सीन जिस में दोनों लड़ने की मुद्रा में हैं.

7. सुदेश बेरी और सुनील शेट्टी की लड़ाई के बीच में ही मेजर कुलदीप सिंह आ जाते हैं तब सुनील शेट्टी, मेजर कुलदीप सिंह यानी सन्नी देओल से कहते हैं-
'ये धरती मेरी मां है, और ये कमीना कहता है ये बंजर है, उजाड़ है, और ये सिर्फ़ बिच्छु और कांटे पैदा करती है. मैं आपसे पूछता हूं सर! जब मां बदसूरत होती है तो क्या बच्चे उससे प्यार नहीं करते. क्या उसे इज्जत नहीं देते, नहीं सर, इसने मेरी का गाली दिया है.'
सन्नी देओल और सुनील शेट्टी का वो सीन.
सन्नी देओल और सुनील शेट्टी का वो सीन.

8. जितना ज्यादा पसीना शांति के लिए बहाओगे उतना ही कम खून युद्ध में बहाना पड़ेगा.- जैकी श्रॉफ
जैकी श्रोफ अपने साथियों को युद्ध से पहले की तैयारी के महत्त्व के बारे में बताते हुए.
जैकी श्रोफ अपने साथियों को युद्ध से पहले की तैयारी के महत्त्व के बारे में बताते हुए.

9. पंजाब रेजिमेंट के बहादुर जवानों आज वो दिन आ गया जिसका हमें बेसब्री से इन्तजार था, ऑर्डर्स आ गए हैं. कम्पनी एडवांस पोस्ट पर रेगिस्तान जाएगी. आज से तुम्हारी हर गोली पर देश के दुश्मन का नाम लिखा होगा. - सन्नी देओल
सन्नी देओल अपने जवानों में साहस भरते हुए.
सन्नी देओल अपने जवानों में साहस भरते हुए.

10.लड़ाई के बादल देखकर जो घर की ओर भागे उसे फ़ौज में रहने का कोई हक़ नहीं है. (अगर उसकी बीवी को कैंसर है) तो उसे हमेशा के लिए छुट्टी दे दीजिए, अपनी बीवी के घुटनों के पास बैठा रहेगा. - सन्नी देओल 
अपनी बटालियन के जवान मथुरादास के द्वारा इमरजेंसी के समय छुट्टी लेने के सवाल पर जवाब देते हुए सन्नी देओल.
अपनी बटालियन के जवान मथुरादास के द्वारा इमरजेंसी के समय छुट्टी लेने के सवाल पर जवाब देते हुए सन्नी देओल.

11.- मत भूलो मैंने फ़ौज में कमीशन लेते वक्त एक कसम खाई थी, इस धरती की कसम खाई थी. जिसमें मेरा बचपन खेल के जवानी में तब्दील हुआ. उस हिमालय की कसम भी खाई थी, उन 120 करोड़ हिन्दुस्तानियों की सुरक्षा की कसम भी खाई थी. - सन्नी देओल
सन्नी देओल फिल्म में उनकी पत्नी बनी तब्बू को अपनी शपथ की याद दिलाते हुए.
सन्नी देओल फिल्म में उनकी पत्नी बनी तब्बू को अपनी शपथ की याद दिलाते हुए.

12. सर आप कह रहे थे पाकिस्तान वेस्टर्न फ्रंट जरूर खोलेगा, तो बंद करेंगे हम, पहली गोली वो चलाएगा और आखिरी गोली हम. - सन्नी देओल
सन्नी देओल एयरफोर्स के अधिकारी जेकी श्रोफ से बात करते हुए.
सन्नी देओल एयरफोर्स के अधिकारी जेकी श्रोफ से बात करते हुए.

#13. हमारी धरती पर कदम रखने की कोशिश मत करना लोंगेवाला में इतना बड़ा कब्रिस्तान बनाने की जगह नहीं है, और रही बात मेरे बेटे की, ओ घटिया इन्सानों! वो तुम्हारा बाप है बाप. - सन्नी देओल 
सन्नी देओल.
सन्नी देओल.

#14. ओए तू ग़ुलाम दस्तग़ीर है ना? लहौर दा मशहूर गुंडा! गंदे नाले दी पैदाइश! ऐ तां वक्त इ दस्सेगा कि मेरी अंतिम अरदास हूंदी ए या तेरा इना इलाही पढ़ेया जांदा ए. हुण तू इन्ना चेत्ते रख कि तू इक कदम वी बाहर निकलेया तां मैं तैन्नू ओही गंदे नाले दे विच्च मार सुट्‌टांगा जिस्सों तूं आया सी. ओए चोप्प क्यों हो गया! - सन्नी देओल
सन्नी देओल पाकिस्तानी अफसर को ललकारते हुए.
सन्नी देओल पाकिस्तानी अफसर को ललकारते हुए.

15. धर्मवीर दुश्मनों के हाथों से शहीद होकर जंग नहीं जीती जाती, उन्हें गोली मारकर जीती जाती है. यू हेव टू किल देम. - सन्नी देओल 
सन्नी देओल, अक्षय खन्ना से एक आतंकवादी में गोली मारने के लिए कहते हुए.
सन्नी देओल, अक्षय खन्ना से एक आतंकवादी में गोली मारने के लिए कहते हुए.

16. हम तो दूसरे की धरती पर नज़र भी नहीं डालते, लेकिन इतने भी नालायक बच्चे नहीं हैं कि कोई हमारी धरती मां पर नजर डाले और हम चुप चाप देखते रहें. - सुनील शेट्टी
सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना.
सुनील शेट्टी और अक्षय खन्ना.

#17. भैरो सिंह ये धरती अगर तुम्हारी मां है तो मेरी भी मां है, हो सके तो मेरे बच्चे की मां को संदेशा पहुंचा देना, कहना कि मैं उसका गुनेहगार हूं. इस जन्म में धरती मां का कर्ज चुकाकर जा रहा हूं, अगले जन्म में उसका कर्ज चुका दूंगा. -सुदेश बेरी 
सुदेश बेरी, सुनील शेट्टी से मरते वक्त अपनी ख्वाहिश कहते हुए.
सुदेश बेरी, सुनील शेट्टी से मरते वक्त अपनी ख्वाहिश कहते हुए.

#18. भैरो सिंह, आज मरने की बात की है, दोबारा मत करना. दुनिया की तारीख़ शाहिद है कि मरकर किसी ने लड़ाई नहीं जीती. लड़ाई जीती जाती है दुश्मन को ख़तम करके. - सन्नी देओल
सन्नी देओल.
सन्नी देओल.





ये स्टोरी हमारे यहां इंटर्नशिप कर रहे श्याम ने की है. 




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