Delhi Election Results: दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनती दिख रही है. चुनाव आयोग के अनुसार, भाजपा 36 और AAP को 16 सीटों पर जीत मिल चुकी है. इसके अलावा 12 सीटों पर भाजपा और 6 सीटों पर AAP की बढ़त है. दिल्ली में इस प्रचंड जीत के बीच बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रदेश भाजपा प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा को जीत की बधाई दी (Delhi BJP president Virendra Sachdeva). 23 मार्च, 2023 को दिल्ली भाजपा की कमान संभालने वाले वीरेंद्र सचदेवा संगठन से जुड़े नेता बताए जाते हैं. 2020 के चुनाव में पार्टी के लिए जो काम मनोज तिवारी नहीं कर पाए वो 2025 में वीरेंद्र सचदेवा ने कर दिखाया है. उनके बारे में और जानने से पहले नजर डालते हैं उनके उस बयान पर जो उन्होंने दिल्ली भाजपा की कमान संभालने के बाद दिया था.
अरविंद केजरीवाल की AAP की हार के पीछे BJP का शांत योद्धा
Virendra Sachdeva Profile: लोकसभा चुनाव के नतीजे भले संतोषजनक ना रहे हों, लेकिन विधानसभा चुनावों में BJP ने लगातार बढ़िया प्रदर्शन किया है. दिल्ली चुनाव भी इसी कड़ी में शामिल हो गया है जिसका बड़ा श्रेय वीरेंद्र सचदेवा को भी दिया जा रहा है. 2020 में जो काम मनोज तिवारी नहीं कर पाए वो 2025 में सचदेवा ने कर दिखाया है.

मीडिया से बात करते हुए सचदेवा ने कहा था,
"मेरी प्राथमिकता दिल्ली भाजपा के संगठन को मजबूत करना और ये सुनिश्चित करना होगा कि पार्टी अगले साल होने वाले चुनावों में शहर की सभी सातों लोकसभा सीटों पर बड़े अंतर से जीत हासिल करे."
अब चुनाव नतीजे बता रहे हैं कि वीरेंद्र सचदेवा का ये बयान उनका अति-आत्मविश्वास नहीं था. भाजपा के लिए 2024 लोकसभा चुनाव के नतीजे भले ही संतोषजनक ना रहे हों, लेकिन उसके बाद के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने लगातार बढ़िया प्रदर्शन किया है. दिल्ली चुनाव भी इसी कड़ी में शामिल हो गया है जिसका बड़ा श्रेय वीरेंद्र सचदेवा को भी दिया जा रहा है.
![HJJD]](https://akm-img-a-in.tosshub.com/agenciesfeeds/images/pti/indiatoday/en//PTI10_24_2024_000061B.jpg?imbypass=true)
इससे पहले वीरेंद्र सचदेवा दिल्ली BJP के कार्यकारी अध्यक्ष थे. 2022 के MCD चुनावों में भाजपा की हार के बाद तत्कालीन स्टेट यूनिट के प्रमुख आदेश गुप्ता के इस्तीफे के बाद उन्हें ये पद मिला था. भाजपा सूत्रों के अनुसार, आदेश गुप्ता को पद से हटाए जाने के बाद से पार्टी के दिल्ली कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपने छोटे से कार्यकाल में सचदेवा काफी प्रभावशाली रहे थे. सूत्र बताते हैं कि वो एक शांत और संगठन से जुड़े व्यक्ति हैं. अक्सर स्थानीय दिग्गजों की वजह से होने वाली खींचतान को सचदेवा ने बड़े ढंग से मैनेज किया था. वो पार्टी कार्यकर्ताओं में एकजुटता की भावना पैदा करने में सक्षम रहे.
शरणार्थी के तौर पर परिवार दिल्ली आयाराजनेता का इतिहास प्रिविलेज्ड हो या ना हो, राजनीति में कामयाबी आसानी से नहीं मिलती. वीरेंद्र सचदेवा का सियासी सफर भी आसान नहीं रहा. उनका परिवार भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद शरणार्थी के तौर पर दिल्ली आया था. शुरुआत में उनका परिवार दिल्ली के चांदनी चौक में रहा और फिर पूर्वी दिल्ली में रहने लगा. सचदेवा को अपने समुदाय के साथ-साथ राजधानी के व्यापारियों का भी मजबूत समर्थन प्राप्त है.

वीरेंद्र सचदेवा राजनीतिक सफर की शुरुआत कार्यकर्ता के रूप में साल 1988 में की थी. वो मंडल से लेकर जिला अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष पद पर पहुंचे. सचदेवा की संगठनात्मक पकड़ बहुत मजबूत बताई जाती है. वो संगठन में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के प्रमुख के तौर पर भी रहे हैं. साल 2020 में उन्होंने उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था. उनके बारे में बीजेपी सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी कहते हैं,
“सचदेवा एक अच्छे संगठनात्मक प्रबंधक और अनुशासित कार्यकर्ता हैं. वो खुद एक जमीनी नेता हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं पर उनकी अच्छी पकड़ है. कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ नियमित बैठकें कीं. अधिक विरोध प्रदर्शनों और प्रेस वार्ताओं के साथ-साथ AAP पर हमलों की आवृत्ति भी बढ़ गई. मुझे लगता है कि इन चीजों ने उन्हें पूर्ण कार्यकाल पाने में मदद की.”

सचदेवा 2010 में ओपी कोहली के बाद पंजाबी समुदाय से भाजपा की नगर इकाई की कमान संभालने वाले पहले नेता हैं. दिल्ली अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उन्होंने कहा था,
भारतीय तीरंदाजी संघ में भी रहे"जब से मुझे कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया, तब से विभाजन के समय यहां आए शरणार्थियों में खुशी की लहर है और आज ये खुशी दोगुनी हो गई है. अगर किसी पार्टी ने शरणार्थियों को उचित सम्मान देने की पहल की है, तो वो भाजपा है."
अपने शुरुआती वर्षों में वीरेंद्र सचदेवा ने RSS के स्वयंसेवक के रूप में काम किया. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष बनने से पहले, सचदेवा ने पार्टी संगठन में राज्य उपाध्यक्ष और चांदनी चौक और मयूर विहार जिला इकाइयों के अध्यक्ष सहित कई अन्य पदों पर काम किया. वे भारतीय तीरंदाजी संघ के पूर्व कोषाध्यक्ष और दिल्ली तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. रियो ओलंपिक में भाग लेने वाली भारतीय टीम के मैनेजर भी थे.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों को लेकर सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजधानी में डबल इंजन वाली सरकार बनेगी. उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों के साथ बेईमानी करने से प्रतिकूल परिणाम सामने आते हैं. सचदेवा ने कहा,
"अगर आप जनता के साथ बेईमानी करेंगे तो जनता आपको ऐसा ही परिणाम देगी. पीएम मोदी के नेतृत्व में दिल्ली में डबल इंजन की सरकार बनेगी."
पार्टी की जीत पर सचदेवा ने ये भी कहा कि वो दिल्ली को एक विकसित राजधानी बनाएंगे.
वीडियो: जमघट: BJP दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को क्यों नहीं हरा पा रही, प्रदेश अध्यक्ष ने बताई वजह