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TATA और L&T जैसी कंपनियां बनाएंगी फाइटर जेट, लेकिन नई लिस्ट से HAL का नाम गायब क्यों?

भारत की प्राइवेट कंपनियों के लिए फाइटर जेट बनाने के दरवाजे खुल गए हैं. AMCA प्रोजेक्ट के तहत फिफ्थ जनरेशन स्वदेशी स्टेल्थ लड़ाकू विमान बनाए जाएंगे. DRDO ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के डिजाइन और प्रोटोटाइप बनाने के लिए तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है.

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17 फ़रवरी 2026 (अपडेटेड: 17 फ़रवरी 2026, 01:35 PM IST)
Fighter Jet
फाइटर जेट की सांकेतिक तस्वीर. (India Today)
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सरकार ने स्वदेशी लड़ाकू विमान बनाने के लिए अब प्राइवेट सेक्टर के दरवाज़े खोल दिए हैं. DRDO ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के डिजाइन और प्रोटोटाइप बनाने के लिए तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड का नाम है. लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने मिलकर दावेदारी ठोकी है. इसके अलावा लिस्ट में भारत फोर्ज-BEML-डेटा पैटर्न्स के कंसोर्टियम का नाम भी शामिल है.

AMCA प्रोजेक्ट का मकसद फिफ्थ जनरेशन स्वदेशी स्टेल्थ लड़ाकू विमान बनाना है. यह एक सिंगल सीट, ट्विन इंजन जेट होगा, जिसमें एडवांस स्टेल्थ कोटिंग होगी और हथियारों का जखीरा रखने की व्यवस्था होगी.

इस प्रोजेक्ट के तहत 125 से ज्यादा लड़ाकू विमान बनाए जाने की उम्मीद है, जिन्हें 2035 तक वायुसेना में शामिल किया जा सकता है. इसके बाद भारत अमेरिका (F-22 और F-35), चीन (J-20) और रूस (Su-57) जैसे उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं.

DRDO ने एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के ज़रिए जुलाई 2025 में टेंडर जारी किए थे. शुरुआत में सात कंसोर्टियम ने इस प्रोजेक्ट में बोली लगाई थी. इनमें अडानी डिफेंस और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भी शामिल थे. अब शॉर्टलिस्ट की गई कंपनियों को AMCA के मॉडल बनाने के लिए सरकार से वित्तीय मदद मिलने की संभावना है.

AMCA प्रोजेक्ट भारत की वायुसेना को आधुनिक बनाने की बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसमें हथियार का अपग्रेडेशन भी शामिल है. इसी के तहत रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने पिछली 12 फरवरी को एयरफोर्स के लिए फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी. यह सौदा दोनों देशों की सरकारों के बीच समझौते के तहत होगा. इनमें से 90 विमान भारत में बनाए जाएंगे. यह मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की 17 से 19 फरवरी के बीच होने वाली भारत यात्रा से कुछ दिन पहले दी गई.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC ने नौसेना के लिए अमेरिका से छह अतिरिक्त P8I समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान खरीदने की भी मंजूरी दी है.

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि HAL की तरफ से बोली लगाने की कागजी प्रक्रिया में गलती होने की आशंका है. इसलिए उनका नाम नहीं आया है. हालांकि सैद्धांतिक रूप से HAL को बाद में बोली लगाने की अनुमति मिल सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक HAL को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला है. हालांकि HAL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डीके सुनील ने पिछले हफ्ते कहा था कि कंपनी स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लाइसेंस के लिए बोली लगाएगी, भले ही उसका कंसोर्टियम शुरुआती स्क्रीनिंग में शॉर्टलिस्ट न हो.

वीडियो: अमेरिका से फाइटर जेट F-35 खरीदने से भारत ने किया इनकार, ट्रेड डील पर क्या असर पड़ेगा?

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